Saturday, April 23, 2016

माँ

तू तन्हा नहीं, देख, वो हमेशा तेरे साथ खड़ी है।
वो शरारतें भी पाक़ हो जाएँ, जिनकी यादों से माँ जुडी है ॥

दूर हो जाऊं उससे, ये मुमकिन नहीं।
मेरी हर सांस उसकी मौजूदगी की मुनादी है ॥

5 comments:

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    1. Thank you so much.....it'll be great if you can disclose your identity..

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